आज मेरी आत्मा मर गई
तो मैंने मुंडन करवा लिया
पंडो को बुला भोजन करवा दिया
ओन डिमांड- कबाब, नहारी और शावरमा बनवाया था
बदले में पंडो ने दक्षिणा में बस
कसम खिलवाई थी
कि अगली बार भी यही खिलायूँगा
और मोहल्ले पड़ोस में किसी को नहीं बतायूंगा
मैंने भी किसी राज की तरह
ये बात अपने सीने में दफ़न कर दी
आज मेरी आत्मा मर गई
तो मैंने मुंडन करवा लिया
पंडो को बुला भोजन करवा दिया
आज मुझे चमार नहीं ब्राह्मण समझना
तो मैंने मुंडन करवा लिया
पंडो को बुला भोजन करवा दिया
ओन डिमांड- कबाब, नहारी और शावरमा बनवाया था
बदले में पंडो ने दक्षिणा में बस
कसम खिलवाई थी
कि अगली बार भी यही खिलायूँगा
और मोहल्ले पड़ोस में किसी को नहीं बतायूंगा
मैंने भी किसी राज की तरह
ये बात अपने सीने में दफ़न कर दी
आज मेरी आत्मा मर गई
तो मैंने मुंडन करवा लिया
पंडो को बुला भोजन करवा दिया
आज मुझे चमार नहीं ब्राह्मण समझना